Multani Mitti For Face in summer




      मुलतानी मिट्टी क्या है ?        

       मुल्तानी मिट्टी (Fuller's earth)  को औषधीय मिट्टी भी कहा जाता है क्योंकि  इसका उपयोग चर्म रोग को ठीक करने और त्वचा से संबंधित अनेक समस्याओं को दूर करने में किया जाता है। मुल्तानी मिट्टी की तासीर ठंडी होती है मुल्तानी मिट्टी त्वचा को ठंडक प्रदान करती है इसलिए इस मिट्टी का अधिकतर उयोग गर्मियों के मौसम में किया जाता है।  बात अगर चेहरे के सौंदर्य को निखारने की हो तो उसमें मुल्तानी मिट्टी (Fuller's earth)  का नाम सबसे पहले लिया जाता है। प्राचीनकाल से ही मुल्तानी मिट्टी का इस्तेमाल रूप को निखारने के लिए किया जाता रहा है। समय भले ही बदल गया हो लेकिन मुल्तानी मिट्टी का महत्व कम नहीं हुआ आज भी इसका इस्तेमाल सौंदर्य को सँवारने के लिए किया जाता हैं। मुल्तानी मिट्टी त्वचा से गंदगी साफ करने के लिए बहुत कारगर है और इसके कोई साइड एफेक्ट्स भी नहीं हैं।

मुल्तानी मिट्टी के फायदे

मुल्तानी मिट्टी में अनेक पोषक तत्व और मिनरल्स पाए जाते हैं जो  त्वचा का रंग निखारने में और त्वचा में कसावट लाने में सहायक होते है। 

यह चेहरे की गंदगी को सोख कर उसे बाहर निकालती हैं साथ ही साथ यह चेहरे से अतिरिक्त ऑइल को भी कम करती है। 

मुल्तानी मिट्टी चेहरे के कील- मुहासो, दाग-धब्बो, असमान रंगत, कालापन आदि को दूर करके त्वचा को प्राकृतिक नमी देती हैं। 

मुल्तानी मिट्टी त्वचा का ढीलापन दूर करके उसमें कसाव लाती हैं। यह त्वचा को गोरा बनाती हैं और उसमें प्राकृतिक निखार लाती हैं। 

मुल्तानी मिट्टी एक बेहतरीन एक्सफोलिएटर हैं जो कि चेहरे के ब्लेकहेड्स/ व्हाइटहेड्स, झाइयां, टेनिंग आदि को भी दूर करती हैं। 

मुल्तानी मिट्टी का उपयोग नेचरल फेसवॉश के रूप में भी किया जाता हैं‌ क्योंकि यह चेहरे की गंदगी को गहराई से साफ करती हैं साथ ही चेहरे की डेड सेल्स को भी हटाती हैं। 

मुल्तानी मिट्टी की तासीर ठंडी होने के कारण यह त्वचा में ठंडक देती हैं। यह त्वचा की सूजन को कम करती हैं और ब्लड सर्कूलेशन को बढ़ाती हैं। 

मुल्तानी मिट्टी  सिर्फ चेहरे पर लगाना ही फायदेमंद नहीं है, बल्कि इससे नहाने से भी कई फायदे मिलते हैं।गर्मियों में मुल्तानी मिट्टी में दूध मिलाकर नहाने से यह त्वचा की जलन खाज - खुजली, एलर्जी फोडे - फूसिंयो आदि को दूर करती हैं। 

मुल्तानी मिट्टी बालो के लिए भी काफी लाभदायक है। मुल्तानी मिट्टी का उपयोग बालों से संबंधित समस्याओं जैसे डैंड्रफ, सूखे बाल, बाल झड़ना, बालों को सीधा करना, बालों के विकास और दो मुंहे बालों के लिए कर सकते हैं।

मुल्तानी मिट्टी किस प्रकार की त्वचा के लिए अच्छी होती हैं ?

मुल्तानी मिट्टी का उपयोग किसी भी प्रकार की त्वचा के लिए किया जा सकता हैं, चाहे आपकी त्वचा ढीली हो, रोम छिद्र खुले हुए हो,यह हर तरह त्वचा के लिए सबसे सस्ता और आसानी से मिलने वाला ब्यूटी प्रोडक्ट है।

     फिर भी यह तेलीय त्वचा (skin) के लिए सबसे अधिक लाभदायक होती हैं। तैलीय त्वचा वालों के लिए मुल्तानी मिट्टी अपने शोषक गुणों के कारण त्वचा से  अतिरिक्त तेल को अवशोषित करने और ब्लैकहेड्स को बाहर निकालने में सक्षम है। इसलिए अगर आपकी त्वचा पहले से ही रूखी है, तो इसे दही, शहद या दूध के साथ इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है । 

मुल्तानी मिट्टी से बने बेहतरीन फेसपेक

शुष्क त्वचा ( dry skin) के लिए -

      मुल्तानी मिट्टी को शहद और दूध के साथ इस्तेमाल करने से त्वचा कोमल और चमकदार बनती है।इसके लिए सबसे पहले आप दो चम्मच मुल्तानी मिट्टी पाउडर में 2 चम्मच दूध और 1 चम्मच शहद मिलाएं। इसके बाद इसमें 2 चम्मच खीरें का रस मिलाएं। सभी का पेस्ट बनाएं और अपने पूरे चेहरे, गर्दन पर लगा लें। 15 मिनट बाद त्वचा को साफ पानी से धो लें। मुल्तानी मिट्टी, खीरा और दूध त्वचा को ठंडक देते हैं। खीरे में मॉयश्चराइजिंग गुण होते हैं, जिससे त्वचा में नमी बनी रहती है। आप इस फेस पैक को हफ्ते में 2-3 बार लगा सकते हैं। इससे आपकी स्किन मुलायम और खूबसूरत बनेगी। जल्दी से झुर्रियां भी नहीं पड़ेंगी।

शुष्क त्वचा ( dry skin) के लिए 

      मुल्तानी मिट्टी को शहद और दूध के साथ इस्तेमाल करने से त्वचा कोमल और चमकदार बनती है।इसके लिए सबसे पहले आप दो चम्मच मुल्तानी मिट्टी पाउडर में 2 चम्मच दूध और 1 चम्मच शहद मिलाएं। इसके बाद इसमें 2 चम्मच खीरें का रस मिलाएं। सभी का पेस्ट बनाएं और अपने पूरे चेहरे, गर्दन पर लगा लें। 15 मिनट बाद त्वचा को साफ पानी से धो लें। मुल्तानी मिट्टी, खीरा और दूध त्वचा को ठंडक देते हैं। खीरे में मॉयश्चराइजिंग गुण होते हैं, जिससे त्वचा में नमी बनी रहती है। आप इस फेस पैक को हफ्ते में 2-3 बार लगा सकते हैं। इससे आपकी स्किन मुलायम और खूबसूरत बनेगी। जल्दी से झुर्रियां भी नहीं पड़ेंगी।

तैलीय त्वचा (oily skin) के लिए -



              तैलीय त्वचा वालों के लिए मूलतानी मिट्टी, गूलाबजल और शहद का फेसपैक काफी फायदेमंद होता है क्योंकि मूलतानी मिट्टी और शहद दोनों ही ऑयली स्किन के लिए काफी लाभदायक होते है।मूलतानी मिट्टी में गूलाबजल और शहद मिलाकर लगाने से त्वचा पर मौजूद अधिक तेल निकल जाता हैं। साथ ही इस फेस पैक को लगाने से पिंपल्स और दाग धब्बों की शिकायत भी दूर होती है। इस पैक को बनाने के लिए एक चम्मच मूलतानी मिट्टी पाउडर में 2 चम्मच शहद और 3 चम्मच गूलाबजल मिलाकर चेहरे पर 10-15 मिनट के लिए लगाना चाहिए, फिर साफ पानी से मुंह धो लेना चाहिए।

रंग गोरा (fair skin) करने के लिए -

               चेहरे को गोरा बनाने के लिए मूलतानी मिट्टी में चूटकीभर हल्दी पाउडर और 3 चम्मच खीरें का रस मिलाकर इसे साफ़ धूले हुए चेहरे और गर्दन पर अच्छी तरह लगा ले। 15 मिनट बाद चेहरे को धोकर पोंछ ले। मूलतानी मिट्टी एक क्लीनिंग एजेंट  की तरह भी काम करती हैं। यह त्वचा की मृत कोशिकाओं (dead skin) को हटाकर नयी कोशिकाओं को बनाती हैं और त्वचा की गहराई से सफाई करती हैं और चेहरे को गोरा बनाती हैं। 

  बॉडी स्क्रब(body scrub) में मूलतानी मिट्टी -

 ‌‌‌‌‌‌               मुल्तानी मिट्टी के पाउडर में ओटमील मिला लें और इसमें केवल इतना ही पानी मिलाएं जितने में एक स्क्रब बन जाए।इस स्क्रब को बॉडी पर लगाएं और हल्के हाथों से स्क्रबिंग करने के बाद धो लें। इस स्क्रब से आपकी स्किन की बहुत सी समस्याएं हल हो जाती है जैसे आपको डैड स्किन निकल जाती है और आपको अपनी स्किन पर चमक मिलती है।

चेहरे की झूर्रीया (wrinkles) दूर करने के लिए -



            झुर्रियों पर मुल्तानी मिट्टी सबसे ज्यादा असर करती है. यह त्वचा में कसाव लाती है और महीन रेखाओं को भी खत्म करती है और चेहरे पर कसाव लाती है ।मुल्तानी मिट्टी पेक को बनाने के लिए 2 चम्मच टमाटर का रस और 2 चम्मच खीरें का रस मिलाकर चेहरे और गर्दन पर 15-20 मिनट तक लगाकर रखें। फिर इसे धो ले। चेहरे को पोंछने के बाद कोई अच्छा माइश्चराइजर क्रीम लगाएं।

मुल्तानी मिट्टी के नूकसान -

1.मुल्तानी मिट्टी की तासीर ठंडी होती है इसलिए यदि किसी को सर्दी-खांसी की समस्या रहती है या जल्दी से सर्दी हो जाती है तो उसे मुल्तानी मिट्टी से दूर ही रहना चाहिए क्योंकि इससे सर्दी-खांसी की समस्या बढ़ सकतीं है। 

2. जिनकी त्वचा संवेदनशील होतीं हैं उन्हें मुल्तानी मिट्टी का उपयोग नहीं करना चाहिए क्योंकि इससे उनकी त्वचा पर रेशेज़ या दाने हो सकतें हैं। 

3. मुल्तानी मिट्टी का उपयोग रोज नहीं करना चाहिए क्योंकि मुल्तानी मिट्टी में चेहरे के आइल को सोखने की क्षमता होती हैं। इसके रोजाना इस्तेमाल से त्वचा शुष्क हो सकती हैं। 

4. जिनकी स्किन शुष्क (dry) हो उन्हें मुल्तानी मिट्टी का उपयोग सप्ताह में एक बार करना चाहिए। 

5. ठंड के मौसम में मुल्तानी मिट्टी का इस्तेमाल कम से कम करना चाहिए। क्योंकि मुल्तानी मिट्टी की तासीर ठंडी होने के कारण यह त्वचा में रक्त संचार कम कर देती हैं। 

6. मुल्तानी मिटटी को खाने से  किडनी स्टोन का खतरा बढ़ जाता हैं इसलिए इसे खाने से बचना चाहिए। 

7. मुल्तानी मिट्टी फेसपेक लगाने के बाद त्वचा पर कोई भी अच्छा मॉइस्चराइजर जरूर लगाना चाहिए इससे स्किन मॉइस्चराइज्ड रहतीं हैं।

8. रात में मुल्तानी मिट्टी लगाना ठीक है नहीं है, मुल्तानी मिट्टी  को चेहरे पर 10-15 मिनट के लिए लगाकर चेहरा साफ़ पानी से धो लेना चाहिए। 




 

               





           









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