हमारे रोज के खाने में हम जितने भी अनाज, फल, मसाले और सब्जियों का उपयोग करते हैं यह सभी मिट्टी की देन हैं यह सभी प्राकृतिक वस्तुएँ हमें अच्छा स्वास्थ्य और स्वाद दोनों देती हैं इन सभी प्राकृतिक वस्तुओं में अनेक पोषक तत्व पाए जाते हैं और ये सभी पोषक तत्व हमें मिट्टी से प्राप्त होतें हैं ।
हमारी धरती में अनेक प्रकार की मिट्टी पायी जाती हैं उन्ही में से एक काली मिट्टी है जो कि अनेक औषधीय गुणों से भरी हुई है । इस मिट्टी का काला रंग टिटेनीफेरस मैग्नेटाइड एवंं ह्ययूमस (Humus) की उपस्थिति के कारण होता है।
काली मिट्टी के त्वचा पर फायदे -
काली मिट्टी में शोषक गुण होते हैं जो हमारी त्वचा से गंदगी और अशुद्धियों को बाहर निकालते हैं और आपकी त्वचा को गहराई से साफ़ करते हैं । यह त्वचा की रंगत को निखारकर उसे कोमल बनाती हैं ।
इसके अलावा, मिट्टी में बहुत सारे महान जीवाणुरोधी एजेंट हैं जो त्वचा की रक्षा करते हैं और पोषण करते हैं। साथ ही यह त्वचा को ठंडक पहुचाती है और एक तरह से यह हमारी त्वचा के लिए एक प्राकृतिक टोनर का काम करती हैं ।
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काली मिट्टी को चेहरे पर कैसे उपयोग
करें ?
जमीन से मिट्टी खोदकर लेते समय पहले मिट्टी को कुछ दिनों के लिए वहीं (खोदे गए स्थान) पर छोड़ देना चाहिए। जिससे खुली हवा, तेज धूप और चांदनी का सुप्रभाव मिट्टी ग्रहण कर सके, साथ ही वह सूख भी जाए।
प्रयोग से पूर्व मिट्टी को मोटे कपड़े से छानना जरूरी है जिससे कंकड़, पत्थर आदि निकल जाएं। मिट्टी को हमेशा ताजे ठंडे जल से घोलना चाहिए और उसे कपड़े में लीपकर पट्टी का इस्तेमाल करना चाहिए। बची हुई मिट्टी को किसी मटके में संभालकर रखना चाहिए।
लेप तैयार करने के लिए आवश्यकतानुसार मिट्टी को साफ जमीन पर रखना चाहिए। फिर किसी लकड़ी से हिलाते हुए थोड़ा-थोड़ा पानी डालना चाहिए। पट्टी तैयार करने के लिए मिट्टी गूंधे हुए आटे की तुलना में कुछ मुलायम होनी चाहिए। प्राय: लेप बनाते समय जल की मात्रा, मिट्टी की मात्रा की आधी होती है।
यह मिट्टी चिकनी और काली होती है। इसके लेप से ठंडक पहुंचती है। साथ ही यह विष के प्रभाव को भी दूर करती है। यह सूजन मिटाकर तकलीफ खत्म कर देती है। काली मिट्टी का लेप लगाना चाहिए इससे तुरंत लाभ पहुंचता है। त्वचा संबंधी रोगों के निवारण के लिए मिट्टी की सर्वांग मालिश भी बहुत उपयोगी होती है। इसके लिए कपड़े से छानी हुई मिट्टी का समूचे शरीर पर लेप करके केवल दस मिनट धूप में बैठने से त्वचा स्वस्थ, मुलायम और लचकदार बन जाती है। इस मिट्टी से रोम कूप पूरी तरह खुल जाते है।
प्रयोग से पूर्व मिट्टी को मोटे कपड़े से छानना जरूरी है जिससे कंकड़, पत्थर आदि निकल जाएं। मिट्टी को हमेशा ताजे ठंडे जल से घोलना चाहिए और उसे कपड़े में लीपकर पट्टी का इस्तेमाल करना चाहिए। बची हुई मिट्टी को किसी मटके में संभालकर रखना चाहिए।
यह मिट्टी चिकनी और काली होती है। इसके लेप से ठंडक पहुंचती है। साथ ही यह विष के प्रभाव को भी दूर करती है। यह सूजन मिटाकर तकलीफ खत्म कर देती है। काली मिट्टी का लेप लगाना चाहिए इससे तुरंत लाभ पहुंचता है। त्वचा संबंधी रोगों के निवारण के लिए मिट्टी की सर्वांग मालिश भी बहुत उपयोगी होती है। इसके लिए कपड़े से छानी हुई मिट्टी का समूचे शरीर पर लेप करके केवल दस मिनट धूप में बैठने से त्वचा स्वस्थ, मुलायम और लचकदार बन जाती है। इस मिट्टी से रोम कूप पूरी तरह खुल जाते है।
काली मिट्टी का उपयोग हम फेसपेक के रूप में भी कर सकते हैं तो आइये जानते हैं कि किस तरह हम इसका इस्तेमाल चेहरे पर कर सकते हैं-
गर्मी के मोसम में त्वचा में ठंडक
और चमक लाने के लिए काली मिट्टी
फेसपेक
आधा कटोरी कपड़े से छानी हुई साफ़ मिट्टी को ठंडे पानी में 10-15 मिनट के लिए गला कर रखें इसके बाद इसमें 3 चम्मच ताजा दही मिक्स कर के हल्का सूखने तक चेहरे पर लगा कर रखें आप चाहे तो इस का उपयोग आप शरीर के अन्य हिस्सों पर भी कर सकती है इसके बाद इसे ठंडा पानी से अच्छी तरह से धो लेे।
गर्मीयों में पसीना होने का कारण हमारी त्वचा पर जलन, खुजली और चिपचिपाहट होती है यह लेप लगाकर हम इन सभी समस्याओं से राहत पा सकते हैं और त्वचा में चमक और ताजगी ला सकते हैं ।
त्वचा पर होने वाले फोड़े-फूसींयो को दूर करने के लिए
आधा कटोरी कपड़े से छानी हुई साफ़ मिट्टी को ठंडे पानी में 10-15 मिनट के लिए गला कर रखें इसके बाद इसमें 4 चम्मच ताजा खीरें का रस डालकर अच्छी तरह से चेहरे पर 20 मिनट तक लगाए रखने के बाद चेहरा अच्छी तरह से धो ले इस पेक का उपयोग आप सप्ताह में 3 बार कर सकती हैं
कोमल, मूलायम त्वचा पाने का लिए
आधा कटोरी कपड़े से छानी हुई साफ़ मिट्टी को ठंडे पानी में 10-15 मिनट के लिए गला कर रखें इसके बाद इसमें 4 चम्मच नींबू का रस और 3 चम्मच गुलाबजल डालकर अच्छी तरह से मीलाकर पेस्ट बना ले और चेहरे पर 20 मिनट तक लगाए चेहरे को 20 मिनट बाद अच्छी तरह से धो ले ।
यह लेप ऊपरी चिकनाहट दूरकर मृत त्वचा को हटाता है त्वचा में कोमलता लाता हैं और त्वचा की गहरी सफाई करके उसमें निखार लाता हैं ।
आवश्यक सावधानियां-
# जमीन से मिट्टी खोदकर लेते समय पहले मिट्टी को कुछ दिनों के लिए वहीं (खोदे गए स्थान) पर छोड़ देना चाहिए। जिससे खुली हवा, तेज धूप और चांदनी का सुप्रभाव मिट्टी ग्रहण कर सके, साथ ही वह सूख भी जाए।
# प्रयोग से पूर्व मिट्टी को मोटे कपड़े से छानना जरूरी है जिससे कंकड़, पत्थर आदि निकल जाएं। मिट्टी को हमेशा ताजे ठंडे जल से घोलना चाहिए बची हुई मिट्टी को किसी मटके में संभालकर रखना चाहिए।
# लेप तैयार करने के लिए आवश्यकतानुसार मिट्टी को साफ जमीन पर रखना चाहिए। फिर किसी लकड़ी से हिलाते हुए थोड़ा-थोड़ा पानी डालना चाहिए। मिट्टी गूंधे हुए आटे की तुलना में कुछ मुलायम होनी चाहिए। प्राय: लेप बनाते समय पानी की मात्रा, मिट्टी की मात्रा की आधी होती है।

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